पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को लगभग 40 मिनट तक टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहित अन्य द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा की जिन पर निकट भविष्य में दोनों देश हस्ताक्षर कर सकते हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा की और होर्मुज स्ट्रेट खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत पर जोर दिया।
रविवार को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के बाद मोदी और ट्रंप के बीच यह पहली बातचीत थी। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल हो गई और अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि दोनों देश एक बार फिर बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। यह बातचीत ईरान और अमेरिका के बीच अगले दौर की संभावित वार्ता से पहले हुई है।
ट्रंप और मोदी इस साल इससे पहले दो बार एक-दूसरे से बात कर चुके हैं जिसमें 2 फरवरी को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हुई उनकी बातचीत भी शामिल है। ट्रंप ने 24 मार्च को मोदी को फोन किया था। यह पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की फोन पर पहली बातचीत थी।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि ट्रंप और मोदी ने अपनी 40 मिनट की बातचीत के दौरान ऊर्जा सहित कई अहम समझौतों पर चर्चा की। अगले कुछ हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच इन पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। गोर ने बताया कि बातचीत के दौरान होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी का मुद्दा भी उठा। अमेरिकी राजदूत के अनुसार फोन पर बातचीत ट्रंप के प्रधानमंत्री मोदी से यह कहने के साथ समाप्त हुई कि ‘मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं।’
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उनके ‘मित्र राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप’ का फोन आया जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों में हुई ‘महत्त्वपूर्ण प्रगति’ की समीक्षा की।
उन्होंने कहा,‘हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज स्ट्रेट खुला और सुरक्षित रखने के महत्त्व पर जोर दिया।’
प्रधानमंत्री के ट्वीट पर प्रतिक्रिया में गोर ने लिखा,‘बहुत ही सकारात्मक और उपयोगी बातचीत रही। इस विषय पर आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहें।’ उन्होंने आखिरी बार ‘आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहें’ वाक्य का प्रयोग ट्रंप और मोदी की 2 फरवरी की बातचीत के बाद भी किया था जिसके बाद दोनों पक्षों ने व्यापार वार्ता में हुए समझौते की घोषणा की थी।
हाल में भारत-अमेरिका संबंधों में उतार-चढ़ाव दिखे हैं। संबंधों में तनाव के प्रमुख कारणों में व्हाइट हाउस द्वारा भारतीय वस्तुओं पर ऊंचा शुल्क लगाना और ट्रंप प्रशासन द्वारा पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को समर्थन देना शामिल हैं।

