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August 1, 2026
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उत्तराखंड

डिजिटल हुआ उत्तराखंड का सहकारिता विभाग, डॉ. धन सिंह रावत ने RCS ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च, 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र


उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। राज्य सरकार ने सहकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से निबंधक सहकारी समितियां (आरसीएस) कार्यालय के अत्याधुनिक ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही आयोग से चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों (वर्ग-2) को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।

देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आरसीएस ऑनलाइन पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सहकारिता विभाग को डिजिटल युग की नई पहचान देगा और प्रदेश की सहकारी समितियों को विभिन्न सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराएगा।

आरसीएस पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियों के पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, शिकायत एवं सुझाव निस्तारण, नामांकन सत्यापन, वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट प्रबंधन, सदस्यता विवरण, दस्तावेज प्रबंधन तथा एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे समितियों और आम नागरिकों को विभागीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

कार्यक्रम में नव नियुक्त 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ये युवा अधिकारी विकसित भारत के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मंत्री ने अधिकारियों से पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक बहुद्देशीय सहकारी समिति को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

हर ब्लॉक में बनेगा ‘सहकारिता ग्राम’

सहकारिता मंत्री ने कार्यक्रम में एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में एक ‘सहकारिता ग्राम’ स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता आधारित विकास मॉडल को मजबूत करना और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही ब्लॉक स्तर पर 100 ऋण मेलों का आयोजन करेगी। इन मेलों के माध्यम से किसानों, युवाओं, काश्तकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को नई गति मिलेगी।

मंत्री ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे सहकारिता के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक विकास की नई कहानी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक विभाग नहीं बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता सचिव इकबाल अहमद ने कहा कि सहकारिता विभाग अब जन-जन से जुड़ा विभाग बन चुका है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने में विभाग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनेगी।

कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों का मानना है कि आरसीएस ऑनलाइन पोर्टल के शुरू होने से प्रदेश में सहकारिता सेवाओं की पहुंच और दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। यह पहल उत्तराखंड में डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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