भारत–दक्षिण कोरिया अब और करीब: विशेष रणनीतिक साझेदारी के साथ विभिन्न सेक्टर्स में सहयोग का ऐलान - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
August 16, 2026
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भारत–दक्षिण कोरिया अब और करीब: विशेष रणनीतिक साझेदारी के साथ विभिन्न सेक्टर्स में सहयोग का ऐलान

विदेश मंत्रालय की विशेष ब्रीफिंग में सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। यह उनकी पद संभालने (जून 2025) के बाद पहली भारत यात्रा है, जो रविवार (19 अप्रैल) शाम शुरू हुई और मंगलवार (21 अप्रैल) को ही समाप्त होगी। उनके साथ मंत्रिस्तरीय, आधिकारिक और शीर्ष उद्योग जगत का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है।

राष्ट्रपति ली और पीएम मोदी की यह तीसरी मुलाकात

यह दोनों नेताओं की तीसरी मुलाकात है। इससे पहले वे जी7 शिखर सम्मेलन 2025 और जी20 समिट 2025 के दौरान मिल चुके हैं। राष्ट्रपति ली ने आगमन के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सोमवार सुबह उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की समीक्षा और भविष्य की दिशा तय

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच व्यापक वार्ता हुई, जिसमें द्विपक्षीय “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” (विशेष रणनीतिक साझेदारी) की समीक्षा और भविष्य की दिशा तय की गई। दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई। जहाज निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर फोकस किया गया। इंडो-पैसिफिक समेत कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों के विचारों में समानता दिखी।

उद्योग जगत के लीडर्स के साथ बातचीत की और बिजनेस सहयोग को बढ़ाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली ने उद्योग जगत के लीडर्स के साथ बातचीत की और बिजनेस सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। राष्ट्रपति ली भारत–कोरिया बिजनेस फोरम में भी भाग ले रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में कारोबारी नेता मौजूद हैं। साथ ही दिल्ली में वित्तीय सहयोग फोरम और बेंगलुरु में “स्पेस डे” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

महत्वपूर्ण सेक्टर्स में कई अहम समझौते

इस यात्रा के दौरान व्यापार, शिपिंग, पर्यावरण, विज्ञान-तकनीक, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में कई समझौते हुए। चार संयुक्त बयान जारी किए गए, जिनमें “इंडिया–आरओके जॉइंट स्ट्रैटेजिक विजन” प्रमुख है, जो दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य का रोडमैप पेश करता है। समुद्री क्षेत्र में सहयोग को खास महत्व दिया गया है। शिपबिल्डिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए नया ढांचा तैयार किया गया है। वहीं, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा पर भी साझा रणनीति बनाई गई है।

नई पहलों की शुरुआत

दोनों देशों ने नियमित शिखर बैठकें और मंत्री स्तर की बातचीत बढ़ाने पर सहमति जताई। “इंडिया–आरओके इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी” और “इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग” जैसी नई पहल भी शुरू की गई हैं।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जोड़ने का फैसला

2030 तक 50 बिलियन डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के लिए सीईपीए समझौते को अपग्रेड करने की प्रक्रिया फिर शुरू की जाएगी। साथ ही, डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जोड़ने का फैसला लिया गया है, जिससे एमएसएमई और सप्लाई चेन को फायदा होगा। यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों को आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर नई गति देने वाली मानी जा रही है।

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