हिजाब विवाद : शीर्ष अदालतें क्यों नहीं सुना पा रही फैसला ! सर्वोच्च अदालत ने किया किनारा, अब फिर कर्नाटक हाईकोर्ट से आस - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
February 10, 2026
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राजनीतिक राष्ट्रीय

हिजाब विवाद : शीर्ष अदालतें क्यों नहीं सुना पा रही फैसला ! सर्वोच्च अदालत ने किया किनारा, अब फिर कर्नाटक हाईकोर्ट से आस

देश में कई मुद्दे मामले ऐसे होते हैं जिनमें अदालतों को भी अपना फैसला सुनाने में धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए काफी वक्त लग जाता है। ऐसे ही पिछले दिनों से कर्नाटक का हिजाब विवाद भी धीरे-धीरे मामला जटिल होता जा रहा है। इस मामले को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट भी अपना कोई ठोस फैसला नहीं दे पाया । उसके बाद सुप्रीम कोर्ट से हिजाब विवाद मामले के निपटारे को लेकर उम्मीदें बढ़ गई थी। लेकिन आज देश की शीर्ष अदालत ने भी फिलहाल इस मामले में अलग कर लिया। पिछले दिनों दक्षिण के राज्य कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच हिजाब के विवाद में सियासत भी खूब हो रही है। आज सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को लेकर बड़ी उम्मीदें थी लेकिन देश की शीर्ष अदालत ने भी अपने आप को किनारे कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की गई थी, जिसमें हाईकोर्ट ने स्कूल-कॉलेज में धार्मिक कपड़े पहनने पर रोक लगा दी थी। अपील में कहा गया था कि इससे मुस्लिम छात्राओं के अधिकार कम हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील पर अर्जेंट सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हम देखेंगे कि कब इसमें दखल देने का सही समय है। बता दें कि मामला फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट में है। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब का विवाद अब देशव्यापी हो गया है। हिजाब के समर्थन और विरोध में खुलकर प्रदर्शन हो रहे हैं। सबसे ज्यादा माहौल हैदराबाद का गर्म है, जहां महिलाओं ने बुर्का पहनकर सड़क पर हिजाब का समर्थन किया। साथ ही महिलाएं प्रार्थना भी कर रही हैं तो हिजाब के समर्थन में छात्र नारेबाजी करते हुए पूरे शहर में दिखाई दे रहे हैं। हिजाब के समर्थन में होते प्रदर्शनों को देखकर हिंदू संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। इस बीच गुरुवार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला आने तक स्कूल-कॉलेज में धार्मिक कपड़े पहनने पर रोक लगा दी है। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा। यहां आपको बता दें कि कर्नाटक सरकार के ड्रेस वाले फैसले को लेकर विवाद पिछले महीने जनवरी में तब शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी कॉलेज में छह छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज में एंट्री ली थी। विवाद इस बात को लेकर था कि कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मना किया था, लेकिन वे फिर भी पहनकर आ गई थीं। उस विवाद के बाद से ही दूसरे कॉलेजों में भी हिजाब को लेकर बवाल शुरू हो गया। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे की भावना भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। 

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