उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय अर्हता के विभिन्न पदों के लिए लिखित प्रतियोगी परीक्षा रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्वक और सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। पूर्व में पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण निरस्त हो चुकी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को दोबारा निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित करना आयोग के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे आधुनिक तकनीक और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
राज्य के सभी 13 जिलों में बनाए गए कुल 449 परीक्षा केंद्रों पर एकल पाली में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित था। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों, जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन और उड़नदस्तों की निगरानी के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने का प्रयास किया गया।
आयोग के सचिव एन.एस. सुंगरियाल ने बताया कि परीक्षा के लिए कुल 1 लाख 54 हजार 603 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1 लाख 14 हजार 635 अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड किए थे। परीक्षा में कुल 83 हजार 254 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार परीक्षा में कुल उपस्थिति 72.62 प्रतिशत दर्ज की गई।
परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी बड़ी गड़बड़ी, नकल या अव्यवस्था की सूचना प्राप्त नहीं हुई। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आयोग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए थे।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए आयोग ने कई सुधारात्मक कदम उठाए। इस बार परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा मानकों के तहत आयोजित किया गया।
आयोग के अधिकारियों ने परीक्षा के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और आगे की चयन प्रक्रिया को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को जल्द परिणाम मिल सके।
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