🌞 *आज का पञ्चाङ्ग* 🌞
🌤️ *दिनांक – 11 मई 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *संवत्सर – रौद्र*
🌤️ *विक्रम संवत 2083*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *कलि युगाब्द – 5128*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
🌤️ *मास – ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – नवमी शाम 03:24 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र – शतभिषा 12 मई रात्रि 01:28 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग – इन्द्र 12 मई रात्रि 01:04 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️*राहुकाल – सुबह 07:30 से सुबह 09:00 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:26*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:34*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🔥 *अग्निवास*🔥
24+02+01=27÷4=03 प्रथ्वी लोक में।✅✅
🔱 *शिववास*🔱
24+24+5=53÷7 =04 सभायाम वासे। ❌❌
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌷 *खाज (Pruritis)* 🌷
➡ पहला प्रयोगः आँवले के 2 ग्राम चूर्ण को 1 लीटर पानी में भिगोकर उसका पानी लगाने से तथा पूरे दिन वही पानी पीने से खाज में लाभ होता है।
➡ दूसरा प्रयोगः सफेद ऊन की राख को गाय के घी में मिलाकर खाज पर लगाने से लाभ होता है।
➡ तीसरा प्रयोगः पुराने खाज (विचिर्चिका) में डामर का लेप उत्तम दवा है।
डामर लगाकर पट्टी बाँधकर चार दिन के बाद खोलकर पुनः पट्टी बाँधें। ऐसी तीन पट्टियाँ बाँधें। चौथी पट्टी बाँधने के बाद एक सप्ताह बाद पट्टी खोलें तो खाज पूर्णतः मिट जायेगी।
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 घर के अन्य स्थानों की बजाए रसोई घर में बैठकर खाना खाने से घर में राहु का प्रभाव कम होता है और सुख-शांति बनी रहती है।
🌷 *बरकत बढ़ाने के लिए* 🌷
📆 रविवार, सप्तमी, नवमी, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण का दिन छोड़कर बाकी के दिनों में आंवले का रस शरीर पर लगाकर नहाने से भी घर में बरकत बढ़ती है देशी गाय का दूध पानी में डाल दें..थोड़ा सा ही ..उससे नहाने से भी जो बोलते हैं कि हमारे घर में बचत नहीं है वो होगी अथवा गाय का दूध सुबह जल्दी न मिल पाए तो दही गाय के दूध का ..वो शरीर पर मल के नहाने से भी बचत होती है… कष्ट कम हो जाते हैं ।
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👉 26 मई 2026 दिन मंगलवार गंगा दशहरा।
10 मई 2026 दिन रविवार दोपहर 12:13 बजे से 14 मई 2026 दिन गुरुवार रात्रि 10:34 बजे तक।
*एकादशी*
13 मई 2026 दिन बुधवार अपरा एकादशी व्रत सर्वे।
27 मई 2026 दिन बुधवार पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत सर्वे।
*प्रदोष व्रत*
14 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
28 मई 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत।
*पूर्णिमा*
30 मई 2026 दिन शनिवार व्रत पूर्णिमा।
31 मई 2026 दिन रविवार स्नान दान पूर्णिमा।
*अमावस्या*
16 मई 2026 दिन शनिवार स्नान दान श्राद्ध वट सावित्री अमावस्या
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