केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 2 मई 2026 को देशव्यापी मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणाली का शुभारंभ करेंगे। यह प्रणाली दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित की गई है।
SACHET सिस्टम से तेज अलर्ट प्रसार
एनडीएमए ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) द्वारा विकसित एकीकृत अलर्ट सिस्टम ‘SACHET’ को लागू किया है। यह प्रणाली कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है और देश के सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है।
134 अरब से अधिक अलर्ट पहले ही भेजे गए
इस प्रणाली के जरिए अब तक 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से अधिक एसएमएस अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इसका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवात जैसी स्थितियों में प्रभावी ढंग से किया गया है।
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से मिलेगा रियल-टाइम अलर्ट
नई व्यवस्था के तहत एसएमएस के साथ सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक जोड़ी गई है। इसके जरिए किसी विशेष क्षेत्र के सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे लगभग वास्तविक समय में सूचना पहुंच सकेगी।
देशभर में होगा परीक्षण संदेश प्रसारित
शुभारंभ के दौरान देश के सभी राज्यों की राजधानियों, दिल्ली और एनसीआर में मोबाइल पर टेस्ट संदेश भेजा जाएगा। यह संदेश हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में होगा, जिसमें नागरिकों को सूचित किया जाएगा कि यह केवल परीक्षण है।
घबराने की जरूरत नहीं, कोई कार्रवाई जरूरी नहीं
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि टेस्ट संदेश मिलने पर घबराएं नहीं और किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह केवल आपदा चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता जांचने के लिए किया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन में बड़ी पहल
यह पहल समय-संवेदनशील परिस्थितियों—जैसे भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने या रासायनिक दुर्घटनाओं—में त्वरित चेतावनी देने की क्षमता को मजबूत करेगी और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

