September 1, 2026
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सीएम धामी ने शुरू किया ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’, 140 छात्रों को मिलेगा प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग का लाभ


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही विद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए ‘मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत हुई।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों की NEET, JEE, CLAT और SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के साथ अन्य आवश्यक शुल्कों का वहन भी राज्य सरकार करेगी।

कार्यक्रम में प्रदेश के 2828 सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के कक्षा 11वीं और 12वीं के तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड कराने, विद्यालयों में उपलब्ध अवसरों को बढ़ाने, उच्च शिक्षा में उत्तराखण्ड को अग्रणी बनाने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने सहित कई सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए स्वयं नोट किया और अधिकारियों को इनके आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में केवल नंबरों से अधिक जरूरी विषयों की समझ है। जीवन में संस्कार और अनुशासन अपनाने से सफलता की राह आसान होती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई को बोझ के बजाय अपने भविष्य को बेहतर बनाने के माध्यम के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। कहा कि सफलता केवल स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में भी है। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग समाज और प्रदेश के विकास में करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने AI के इस्तेमाल को लेकर भी विद्यार्थियों को सलाह दी। उन्होंने कहा कि AI उपयोगी और ज्ञानवर्धक तकनीक है, लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल सोचने और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। किसी भी विषय पर पहले अपने विवेक, बुद्धि और सोचने की क्षमता का उपयोग करना चाहिए। इसके बाद जरूरत पड़ने पर गुरुजनों के मार्गदर्शन और AI की सहायता ली जा सकती है। तकनीक सहयोगी होनी चाहिए, सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना भी लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए संवाद के रास्ते हमेशा खुले हैं। छात्र अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार सरकार के साथ साझा कर सकते हैं। सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तैयार है।

कार्यक्रम में मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जयसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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