भारत में दक्षिण कोरिया के राजदूत ली सियोंग-हो ने शुक्रवार को भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान दिखाई गई कूटनीतिक कुशलता और नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद चुनौतीपूर्ण समय होने के बावजूद भारत शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर आम सहमति बनाने में सफल रहा।
कोरिया एजुकेशन फेयर के दौरान राजदूत ने कहा, “भारतीय कूटनीति और भारत की लीडरशिप के लिए बहुत-बहुत बधाई। अंतरराष्ट्रीय हालात काफी उथल-पुथल भरे हैं। भारत किसी तरह घोषणापत्र पर सहमति बनाने में कामयाब रहा। यह मुश्किल था, लेकिन भारत ने यह कर दिखाया। यह पहले से ही एक बड़ी सफलता है।”
ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज के रूप में भारत
ली सियोंग-हो ने भारत को विकासशील देशों यानी ‘ग्लोबल साउथ’ की प्रमुख आवाज बताया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस कठिन दौर में भारत की लीडरशिप पर भरोसा कर रही है। उनके शब्दों में, “मुझे लगता है कि भारत ने इस बार बहुत बढ़िया काम किया है।”
भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों में रोमांचक दौर
द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते एक रोमांचक चरण में प्रवेश कर रहे हैं। अप्रैल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने अगले पांच से दस साल के लिए विजन तैयार किया था।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के संबंध एक-दूसरे के पूरक और बेहद उम्मीद जगाने वाले हैं। मौजूदा सहयोग को मजबूत करने और नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। राजदूत ने भरोसा जताया कि अगले पांच-दस साल में भारत और दक्षिण कोरिया 21वीं सदी के सबसे अच्छे साझेदारों और दोस्तों में शामिल हो जाएंगे।
BRICS समिट की सफलता
12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन का विषय “लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण” था। भारत की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय इस समूह के नेता एक साथ आए। बढ़ते समूह में आम सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन भारत ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

