हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए तीन आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। गृह विभाग द्वारा राज्यपाल की मंजूरी और सिविल सर्विस बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह फेरबदल प्रशासनिक आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने की दिशा में इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं डीआईजी पुलिस (ट्रैफिक, टूरिस्ट एंड रेलवे) संजीव कुमार गांधी की सेवाएं कार्मिक विभाग को सौंप दी गई हैं। संजीव कुमार गांधी को कुछ माह पहले ही शिमला में डीआईजी पुलिस (ट्रैफिक, टूरिस्ट एंड रेलवे) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब उन्हें आगे किस पद पर नई जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका निर्णय कार्मिक विभाग द्वारा आगामी आदेशों में किया जाएगा। प्रशासनिक गलियारों में उनकी अगली तैनाती को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
वहीं वर्ष 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी मयंक चौधरी को पुलिस मुख्यालय शिमला में एसपी (लीव रिजर्व) के पद से स्थानांतरित कर द्वितीय भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी), सकोह, कांगड़ा का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ बटालियन के संचालन और सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत बनाने में मिलेगा।
इसी क्रम में वर्ष 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित यादव, जो अब तक द्वितीय भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह, कांगड़ा में कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे, उन्हें स्थानांतरित कर एसपी साइबर क्राइम (सीआईडी), शिमला नियुक्त किया गया है। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह नियुक्ति विशेष महत्व रखती है। अमित यादव अब साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच और तकनीकी अपराधों पर निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तीनों अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां जनहित तथा प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं। माना जा रहा है कि इन बदलावों से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों में बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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