उत्तराखंड में युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण और नेतृत्व कौशल से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य की पहली नेशनल कैडेट कोर (NCC) प्रशिक्षण अकादमी के निर्माण को शासन से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही शासनादेश जारी होने के बाद पौड़ी जिले के गणियां (देवार) गांव में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है। उन्होंने 6 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री रहते हुए इस अकादमी की घोषणा की थी। हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं और संशोधित डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के कारण यह योजना लंबे समय तक फाइलों में ही सीमित रही। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने संशोधित डीपीआर को मंजूरी देकर इस परियोजना को धरातल पर उतारने का रास्ता साफ कर दिया है।
पौड़ी जिले के गणियां (देवार) गांव में बनने वाली यह अकादमी राज्य की पहली आधुनिक NCC प्रशिक्षण संस्था होगी। यहां कैडेटों को सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आपदा प्रबंधन, साहसिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण के लिए आधुनिक संसाधन और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
राज्य सरकार का मानना है कि अकादमी बनने से उत्तराखंड के हजारों एनसीसी कैडेटों को राज्य के भीतर ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। अभी तक कई विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए कैडेटों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। नई अकादमी बनने से समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
यह परियोजना केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि अकादमी के संचालन के बाद भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार राज्य में युवाओं को सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा सेवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में एनसीसी प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह अकादमी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
करीब साढ़े सात साल बाद इस परियोजना को मिली मंजूरी को राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। शासनादेश जारी होते ही निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा और निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड को अपनी पहली समर्पित एनसीसी प्रशिक्षण अकादमी मिलेगी, जो राज्य के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व विकास का नया मंच प्रदान करेगी।

