उत्तराखंड में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। राजधानी देहरादून समेत पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा से सड़कें जलमग्न हो गईं, भूस्खलन की घटनाएं बढ़ीं और कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा। मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।
देहरादून में सबसे अधिक असर आईटी पार्क क्षेत्र में देखने को मिला, जहां सड़कें नदी जैसी दिखाई दीं। कई इलाकों में जलभराव के कारण दोपहिया वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं देहरादून–मसूरी मार्ग पर लगभग 20 किलोमीटर के पास सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से स्टेट हाईवे को एहतियातन बंद कर दिया गया। मार्ग बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें सड़क को सुरक्षित बनाने के कार्य में जुटी हैं।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर भी अस्थायी रोक लगा दी है। गढ़वाल मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्गों पर फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और मौसम सामान्य होने तथा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना आधिकारिक सूचना के यात्रा पर आगे न बढ़ें।
भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर बागेश्वर और उत्तरकाशी जिलों में 21 जुलाई को सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से निर्देशों का पालन करने तथा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।
इस बीच पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के दूरस्थ ग्राम सभा जुम्मा के कोथिला तोक में एक दुखद घटना सामने आई। जंगल में बकरियां चरा रहे 55 वर्षीय दीवान सिंह की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण घटना की सूचना समय पर प्रशासन तक नहीं पहुंच सकी। दुर्गम क्षेत्र होने से ग्रामीणों को पूरी रात मशक्कत कर शव को मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ा। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए धारचूला भेजा गया।
उधर बागेश्वर जिले में सरयू नदी में एक आठ वर्षीय बच्चा तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार बच्चे की तलाश में सर्च अभियान चला रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई संपर्क मार्गों पर मलबा आने, नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने तथा भूस्खलन की आशंका के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों से अपील की गई है कि मौसम सामान्य होने तक नदी-नालों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

