September 23, 2026
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मोबाइल के टेम्पर्ड ग्लास पर अब लागू होगा नया नियम, बिना बीआईएस प्रमाणन नहीं बिकेंगे स्क्रीन प्रोटेक्टर


मोबाइल फोन की स्क्रीन को खरोंच और टूटने से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टेम्पर्ड ग्लास और अन्य स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य बीआईएस पंजीकरण के दायरे में शामिल कर दिया है। नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा। इसके बाद भारत में बेचे जाने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप होना जरूरी होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से 21 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना में स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था में शामिल किया गया है। इसके लिए आईएस 19348:2025, यानी ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए निर्धारित भारतीय मानक लागू होगा। इसका मतलब है कि देश में स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों के साथ-साथ इन्हें विदेश से आयात करने वाले कारोबारियों को भी तय गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा।

ग्राहकों पर क्या होगा असर

नए नियम का सीधा असर बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। नए मानक में ग्लास की गुणवत्ता, मजबूती, आकार और अन्य तकनीकी पहलुओं से जुड़े परीक्षण शामिल हैं। कुछ परीक्षणों में चिपकने वाली परत और सुरक्षा कोटिंग जैसी विशेषताओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। इससे बाजार में बहुत कम गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

हालांकि, सरकार ने स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। नए नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 1 अप्रैल 2027 के बाद बाजार में बिकने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों को पूरा करें। कंपनियों को नए नियमों की तैयारी के लिए छह महीने से अधिक का समय दिया गया है।

इस बदलाव के बाद ग्राहकों को बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को लेकर अधिक भरोसा मिल सकता है। वहीं, निर्माताओं और आयातकों पर परीक्षण और प्रमाणन से जुड़ी अतिरिक्त लागत आ सकती है। इसका असर आगे चलकर कुछ उत्पादों की कीमत पर पड़ सकता है, हालांकि सरकार की अधिसूचना में खुदरा कीमत बढ़ने की कोई निश्चित जानकारी नहीं दी गई है।

भारत में स्क्रीन प्रोटेक्टर का बाजार काफी बड़ा है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल करीब 50 करोड़ स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री होती है और बाजार का अनुमानित आकार 12,000 से 15,000 करोड़ रुपये के बीच है। ऐसे में नए नियम का असर निर्माताओं, आयातकों, विक्रेताओं और ग्राहकों, सभी पर पड़ेगा।

सरकार के इस कदम का एक उद्देश्य बाजार में घटिया उत्पादों और अनियमित आयात पर नियंत्रण करना भी है। बीआईएस मानकों के लागू होने के बाद कंपनियों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप उत्पाद तैयार करने होंगे। इससे घरेलू स्तर पर स्क्रीन प्रोटेक्टर के निर्माण को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

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