शुद्धिकरण मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई ठोस तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि हल्द्वानी में किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल देकर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी का यह बयान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तराखंड दौरे से पहले आया है। ऐसे में इसे राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। धामी ने कांग्रेस से अपील की कि संवेदनशील मामलों को राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा बनाने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
मुकदमा दर्ज होने के बाद सीएम धामी की प्रतिक्रिया
शुद्धिकरण विवाद में एक दिन पहले ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अगले दिन मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त प्रमाण के मामले को लगातार उठाने से समाज में गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी केवल अपने राजनीतिक हितों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने में भी भूमिका निभानी चाहिए।
धामी ने कांग्रेस से कहा कि यदि उसके पास मामले से जुड़े कोई तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें सामने रखना चाहिए। केवल आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने या लोगों के बीच भ्रम पैदा करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद हल्द्वानी का शुद्धिकरण विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। मुकदमा दर्ज होने और इसके बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया से आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

