राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में “सेवा, सुशासन एवं समर्पण – जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” सेवा पखवाड़ा के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाने का संकल्प दोहराया गया।
इस अभियान के तहत अगले 15 दिनों तक उत्तराखंड के सभी विकासखंडों और न्याय पंचायत स्तर पर “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न सरकारी विभाग एक ही स्थान पर अपनी सेवाएं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सुगम और सुलभ बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि सरकार जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सेवा पखवाड़ा के माध्यम से शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों की सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इस अभियान से प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस तरह के जनसेवा शिविरों से लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सकेगा।

