उत्तराखंड में भाजपा का मिशन 2027 शुरू, कार्यकर्ताओं को मिला सक्रियता का मंत्र - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 8, 2026
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उत्तराखंड

उत्तराखंड में भाजपा का मिशन 2027 शुरू, कार्यकर्ताओं को मिला सक्रियता का मंत्र

उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने उसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरा राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 28 मई को देहरादून पहुंचे नितिन नवीन ने प्रदेश संगठन, सरकार और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकों का दौर चलाया और आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी मौजूद रहे, जिनकी संगठनात्मक रणनीति को भाजपा की चुनावी सफलता का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला उत्तराखंड दौरा था। ऐसे में प्रदेश भाजपा संगठन ने उनके स्वागत को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यालय परिसर फूलों, स्वागत बैनरों और पार्टी झंडों से सजा हुआ दिखाई दिया। विभिन्न मंडलों और जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन किया और उनके स्वागत में नारे लगाए। देहरादून पहुंचने के बाद नितिन नवीन सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं के साथ लंबी बैठक की। बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्यक्रमों, बूथ स्तर की गतिविधियों और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान नितिन नवीन ने पार्टी नेताओं से स्पष्ट कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका संगठन और कार्यकर्ता है। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल मतदान के समय नहीं जीते जाते, बल्कि वर्षों तक जनता के बीच किए गए कार्य और संगठन की सक्रियता ही जीत की नींव तैयार करती है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, महिला सशक्तीकरण, निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषयों पर लगातार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन  ने सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर बल दिया। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संगठनात्मक गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पार्टी लगातार बूथ सशक्तीकरण अभियान चला रही है और प्रत्येक बूथ को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि जिन बूथों पर पार्टी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, वहां विशेष रणनीति के साथ कार्य किया जाए। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी संगठनात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्यशैली अन्य राजनीतिक दलों से अलग है क्योंकि पार्टी का आधार केवल चुनाव नहीं बल्कि निरंतर संगठन विस्तार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समाज के हर वर्ग के बीच पहुंचने और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। तीन दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। उन्होंने सामाजिक, शैक्षिक और बौद्धिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ विचार-विमर्श किया और उत्तराखंड के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इन बैठकों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को संगठन की भविष्य की रणनीति में शामिल करना था। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद अब पार्टी के सामने जनविश्वास को और मजबूत बनाए रखने की चुनौती है। इसी कारण संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए और सरकार तथा जनता के बीच सेतु की भूमिका निभानी चाहिए।

नितिन ने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का किया आह्वान—

दौरे के दौरान नितिन नवीन का कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहा। उत्तराखंड दौरे के अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सबसे पहले देहरादून स्थित प्राचीन सिद्धपीठ टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में कुछ समय बिताने के बाद उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और संगठन की मजबूती की कामना की। दौरे के आखिरी दिन धार्मिक स्थल से शुरुआत को भाजपा संगठन भी विशेष महत्व दे रहा है।बूथ समिति की बैठक के बाद नितिन नवीन टपकेश्वर क्षेत्र स्थित बूथ संख्या-141 के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह के घर पहुंचे। यहां गजेंद्र सिंह, उनकी पत्नी कविता और बेटी श्वेता ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। परिवार ने दही-चावल का टीका लगाया और नेपाली परंपरा के प्रतीक ‘खादा’ ओढ़ाकर सम्मान किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए झंगोरे की खीर, सेल रोटी, पहाड़ी हरे नमक का रायता, नेपाली चटनी सहित कई पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए थे, जिनका उन्होंने स्वाद लिया। उसके बाद शनिवार को उन्होंने देहरादून के शिवालिक कॉलेज में आयोजित प्रबुद्ध संगोष्ठी में भाग लिया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, पेशेवरों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भारत के बदलते राजनीतिक परिदृश्य, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों और उत्तराखंड की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य भी है। यहां पर्यटन, आध्यात्मिकता, शिक्षा, उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इन संभावनाओं को अवसरों में बदलने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने बूथ को सबसे मजबूत बूथ बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने संगठन को निर्देश दिया कि बूथ समितियों को और अधिक सक्रिय बनाया जाए तथा नए मतदाताओं और युवाओं के बीच विशेष अभियान चलाए जाएं। बैठकों के दौरान पार्टी की सदस्यता वृद्धि, सोशल मीडिया की भूमिका, जनसंपर्क अभियान और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। नेताओं को निर्देश दिया गया कि वे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाएं। साथ ही जनता की समस्याओं और सुझावों को भी गंभीरता से सुनें। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, मोर्चा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि भाजपा आगामी चुनावों को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उत्तराखंड पहुंचे नितिन नवीन ने अपने इस दौरे में भाजपा की कोर कमेटी, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों और संगठन पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। उन्होंने पार्टी कार्यालय में संगठनात्मक समीक्षा की, जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उत्तराखंड दौरे के समापन के बाद नितिन नवीन शनिवार शाम रवाना हो गए। हालांकि उनका यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन को नई ऊर्जा देने, सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए शुरुआती रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई बैठकों ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि भाजपा ने उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी समय से पहले शुरू कर दी है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राहुल गांधी के दौरे से कांग्रेस को नई उम्मीद, 2027 की तैयारी और संगठन पर रहेगा फोकस

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  राहुल गांधी आगामी 4 जून को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस दौरे को कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका कार्यक्रम मुख्य रूप से अल्मोड़ा और पौड़ी गढ़वाल में प्रस्तावित माना जा रहा है। कांग्रेस इन दोनों क्षेत्रों में बड़ी जनसभाओं की तैयारी कर रही है, ताकि कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों को राजनीतिक संदेश दिया जा सके। ऐसे समय में जब प्रदेश कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी, नेतृत्व को लेकर असमंजस और संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही है, राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी में नई ऊर्जा भरने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस संगठन इस दौरे की तैयारियों में जुटा हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी देहरादून में पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ कई चरणों में बैठक कर सकते हैं। इसके अलावा प्रबुद्ध वर्ग, सामाजिक संगठनों और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से भी उनके संवाद की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम को लेकर पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक रूपरेखा जारी की जानी बाकी है। राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा देने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सात महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनकी पूरी टीम को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि राहुल गांधी अपने प्रवास के दौरान संगठनात्मक बदलावों और भविष्य की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट करना है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के भीतर कई बार नेताओं के बीच मतभेद और अंतर्कलह सार्वजनिक रूप से सामने आती रही है। इसका असर चुनावी प्रदर्शन पर भी दिखाई दिया। पार्टी नेतृत्व मानता है कि यदि 2027 में भाजपा को चुनौती देनी है तो पहले संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाना होगा। राहुल गांधी की बैठकों का मुख्य फोकस भी इसी दिशा में रहने की संभावना है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तराखंड में भाजपा पहले ही चुनावी तैयारियों को गति दे चुकी है। ऐसे में कांग्रेस राहुल गांधी के दौरे को अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और राजनीतिक संदेश देने के अवसर के रूप में देख रही है। राहुल गांधी उत्तराखंड में युवाओं के पलायन, बेरोजगारी, महंगाई, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं, महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा कर सकते हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक एजेंडा बनाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी की मौजूदगी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने का काम करेगी। पिछले कुछ समय से संगठन को सक्रिय करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। अब पार्टी चाहती है कि राहुल गांधी के दौरे के माध्यम से एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया जाए कि कांग्रेस 2027 के चुनावी मुकाबले के लिए तैयारी शुरू कर चुकी है। राहुल गांधी का यह दौरा केवल औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि संगठन की वास्तविक स्थिति को समझने और आगामी चुनावों की रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राहुल गांधी उत्तराखंड कांग्रेस को कितना एकजुट कर पाते हैं और उनके दौरे के बाद संगठन में क्या नए संकेत दिखाई देते हैं। राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को कांग्रेस की चुनावी तैयारी और संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है।

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