उत्तराखंड में मई के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट लेकर जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। देर रात से प्रदेशभर में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं कई जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं की आशंका जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 5 जून तक प्रदेशभर में मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहेगा।
पांच जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में दृश्यता कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि पर्वतीय जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और छोटे नालों के उफान पर आने की आशंका भी बनी हुई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर सफर कर रहे श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों में भी बदला मौसम का मिजाज
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में भी गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और किसानों के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है।
देहरादून में नौ डिग्री तक लुढ़का पारा
राजधानी देहरादून में मौसम के बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है। 30 मई को जहां अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं 31 मई की सुबह यह घटकर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यानी महज दो दिनों में तापमान में 8.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है और सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
5 जून तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र की सक्रियता के कारण प्रदेशभर में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप अगले कई दिनों तक बना रहेगा। 5 जून तक विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर बारिश, तेज हवाएं, गर्जन और बिजली चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करें।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर न रुकने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

