उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मसूरी, केदारनाथ, बदरीनाथ, हरिद्वार, ऋषिकेश सहित कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों और रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाने की धमकी वाला एक ई-मेल मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में मसूरी नगर पालिका परिषद को बम से उड़ाने की बात कही गई है। इसके साथ ही हरिद्वार, ऋषिकेश, बाबा केदारनाथ, बदरीनाथ धाम, रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया गया है। बताया जा रहा है कि यह ई-मेल कथित तौर पर ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से भेजा गया है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक इसकी प्रामाणिकता या ई-मेल भेजने वाले की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ई-मेल सामने आने के तुरंत बाद संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। धार्मिक स्थलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों को भी आवश्यक स्थानों पर सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से तुरंत निपटा जा सके।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। साइबर सेल ई-मेल का तकनीकी विश्लेषण कर रही है और ई-मेल हेडर, आईपी एड्रेस तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदेश किस स्थान से और किस व्यक्ति या समूह द्वारा भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की वास्तविकता और उसके पीछे की मंशा स्पष्ट हो सकेगी।
देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि पुलिस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने आम लोगों और श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध वस्तु, लावारिस सामान या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या स्थानीय प्रशासन को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु मिलने या विस्फोटक बरामद होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियां ई-मेल की सत्यता की पुष्टि करने और इसके पीछे मौजूद तत्वों की पहचान करने में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं, ताकि प्रदेश के नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

