उत्तराखंड में शुरू हुआ ‘ग्रीन गवर्नेंस’ मॉडल, सरकारी दफ्तरों में अब ऊर्जा बचत का मिशन, एमडीडीए ने शुरू किया बड़ा अभियान - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 4, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड में शुरू हुआ ‘ग्रीन गवर्नेंस’ मॉडल, सरकारी दफ्तरों में अब ऊर्जा बचत का मिशन, एमडीडीए ने शुरू किया बड़ा अभियान



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ और ऊर्जा संरक्षण की अपील का असर अब उत्तराखंड में जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को साफ संदेश दे दिया है कि अब सरकारी तंत्र भी सादगी और संसाधनों के संतुलित उपयोग की मिसाल पेश करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद कई विभागों ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और बिजली बचत को लेकर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

प्रदेश में बढ़ती ईंधन लागत, ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण की समस्या को देखते हुए सरकार ने इसे सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़कर देखा है। यही वजह है कि अब सरकारी विभागों में नई कार्यसंस्कृति विकसित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

देहरादून और मसूरी जैसे शहरों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और वाहनों की संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई हुई थी। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि ऊर्जा बचत की शुरुआत खुद सरकारी दफ्तरों से होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

इसी कड़ी में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अपने ‘ग्रीन मिशन’ के तहत विशेष ‘तेल बचाओ मुहिम’ शुरू की है। इस अभियान का मकसद सरकारी वाहनों का सीमित उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी और बिजली की बचत सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री धामी की मंशा के अनुरूप अब सरकारी महकमों में व्यवहारिक बदलाव पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार ने ‘एक अफसर, एक वाहन’ का फार्मूला लागू करने का फैसला लिया है। जिन अधिकारियों के पास कई विभागों का प्रभार है, वे अब जरूरत के मुताबिक एक ही सरकारी वाहन का इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी कम करने का निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार ने हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि अनावश्यक यात्रा को कम किया जा सके।

MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्काल अमल करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से कार पूलिंग अपनाने की अपील की है। जो कर्मचारी दफ्तर के आसपास रहते हैं, उन्हें पैदल या साइकिल से कार्यालय पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

प्राधिकरण ने गैर-जरूरी सरकारी यात्राओं और विदेश दौरों में कटौती पर भी जोर दिया है। वहीं दफ्तरों में बिजली बचत को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। मुख्यालय में सेंट्रलाइज्ड एसी और अन्य एयर कंडीशनर के उपयोग को सीमित किया गया है। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस्तेमाल न होने पर लाइट, कंप्यूटर और अन्य विद्युत उपकरण तुरंत बंद किए जाएं।

MDDA का मानना है कि यदि सरकारी कर्मचारी साझा वाहनों और साइकिल के इस्तेमाल को अपनाते हैं तो इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, प्रदूषण घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव है। उनके मुताबिक यह सिर्फ सरकारी आदेश नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। यदि अधिकारी और कर्मचारी खुद आगे आकर ईंधन बचत अभियान का हिस्सा बनेंगे तो इससे सरकारी खर्च में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई ताकत मिलेगी।

Related posts

भ्रष्टाचार पर सीएम धामी का बड़ा एक्शन : वर्दी खरीद घोटाले में फंसे होमगार्ड निदेशक अमिताभ श्रीवास्तव तुरंत सस्पेंड

admin

Ayodhya Ram Mandir Jammu Kashmir Article 370 CM Pushkar Singh Dhami Historic Date : 5 अगस्त को भाजपा ने लिए थे तो बड़े फैसले, सीएम धामी ने इसे ऐतिहासिक तारीख बताया

admin

देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने को लेकर पुरोहितों ने देहरादून में कैबिनेट मंत्री के आवास पर योग कर किया विरोध

admin

Leave a Comment