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October 23, 2026
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आज से बदलेगा लखनऊ-कानपुर का सफर: राजनाथ सिंह करेंगे एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, 45 मिनट में तय होगी दूरी


उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और परिवहन क्षेत्र में 13 जुलाई 2026 को एक नया अध्याय जुड़ गया। लंबे समय से प्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का आज भव्य उद्घाटन किया गया। उन्नाव में आयोजित समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद यह एक्सप्रेसवे 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के दो प्रमुख शहरों लखनऊ और कानपुर के बीच यातायात को नई गति देगा। 63 किलोमीटर लंबा यह मार्ग लखनऊ एयरपोर्ट के निकट सरोजनीनगर स्थित स्कूटर इंडिया क्षेत्र से शुरू होकर कानपुर में गंगा घाट (शुक्लागंज) के पास समाप्त होता है। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच यात्रा में सामान्यतः 2 से 3 घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी।

यह आधुनिक एक्सप्रेसवे छह लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी रखी गई है। परियोजना को दो प्रमुख हिस्सों में विकसित किया गया है, जिसमें 17.5 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन और 45.2 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड सेक्शन शामिल है। बेहतर सड़क गुणवत्ता, आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं और नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था के कारण यह मार्ग प्रदेश के सबसे तेज और सुरक्षित कॉरिडोरों में शामिल हो गया है।

एक्सप्रेसवे पर कारों, जीपों और वैन के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि बसों और भारी वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि ईंधन की बचत और यातायात दबाव में भी कमी आएगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मार्ग के लिए टोल शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये रखा गया है, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा करने पर 415 रुपये का शुल्क देना होगा। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 445 रुपये और वापसी शुल्क 670 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं बसों और ट्रकों के लिए क्रमशः 935 रुपये और 1,405 रुपये टोल तय किया गया है।

सरकार का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि लखनऊ, कानपुर और उन्नाव क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों को लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को आधुनिक परिवहन नेटवर्क की दिशा में एक और मजबूत पहचान दिलाने वाला साबित होगा।

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