उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में मानसून का असर तेज हो गया है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में शनिवार को बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड के कारण कई घरों में पानी घुस गया, जबकि एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। केरल के कोच्चि समेत दक्षिणी जिलों में 24 घंटे के भीतर 361 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में छह लोगों की मौत हो गई। गुजरात के सूरत, मोरबी और अन्य क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। सूरत के अंबिका तालुका में 24 घंटे में 611 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि 27 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और 53 लोगों का रेस्क्यू किया गया।
मौसम विभाग ने रविवार से अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है तथा पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।
लगातार बारिश के चलते उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हुआ, हालांकि बड़ा हादसा टल गया। वहीं चमोली के गौचर क्षेत्र में बद्रीनाथ हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस जाने से यातायात को वन-वे कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक उत्तराखंड में मौसम खराब बने रहने की संभावना जताई है। देश के कई हिस्सों में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

