अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच गुरुवार को बीजिंग में बेहद अहम बैठक हुई। वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजिंग स्थित Great Hall of the People में आयोजित इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर टिकी रही।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रम्प का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया। बैठक की शुरुआत में जिनपिंग ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में अमेरिका और चीन के रिश्ते वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार की तरह आगे बढ़ना चाहिए।
वहीं ट्रम्प ने भी जिनपिंग की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि “आपका दोस्त होना सम्मान की बात है।” ट्रम्प ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अमेरिका और चीन के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह दुनिया के कई बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं को अपने साथ चीन लेकर आए हैं।
ट्रम्प के प्रतिनिधिमंडल में Elon Musk, Tim Cook समेत कई बड़े अमेरिकी कारोबारी शामिल रहे। इसके अलावा Boeing के शीर्ष अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, टैरिफ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रेयर अर्थ मिनरल्स और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह मुलाकात केवल दो देशों के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
अमेरिका-चीन में 9 लाख करोड़ रुपए की डील संभव
इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा बोइंग विमान डील को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन अमेरिकी कंपनी बोइंग से करीब 9 लाख करोड़ रुपए के विमानों की खरीद का बड़ा समझौता कर सकता है। अगर यह डील होती है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी एविएशन डील्स में शामिल हो सकती है।
बैठक में व्यापार, टैरिफ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ताइवान जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव रहा है, इसलिए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

