September 9, 2026
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केंद्रीय मंत्रिमंडल मीटिंग : 20 हजार करोड़ से अधिक की आठ रेल परियोजनाओं को मंजूरी, दक्षिण और मध्य भारत में बढ़ेगी रेल कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में रेलवे से जुड़ी आठ बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार के मुताबिक, इन रेल परियोजनाओं से कई राज्यों में रेल नेटवर्क का विस्तार होगा, यात्री सुविधाओं में सुधार आएगा और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यात्रियों की तेज आवाजाही और माल परिवहन की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
दक्षिण भारत में पांच परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों में फैली पांच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 540 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। इनकी अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इन पांच बड़ी परियोजनाओं से दक्षिण भारत में रेल संपर्क और मजबूत होगा। इससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से यात्रियों की तेज आवाजाही के साथ माल ढुलाई के लिए अतिरिक्त क्षमता भी उपलब्ध होगी।


पांच राज्यों में तीन नई परियोजनाएं


मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में फैली तीन अन्य मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनके तहत करीब 656 किलोमीटर का अतिरिक्त रेल नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी और परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स की लागत घटाने में मदद मिलेगी।


पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई रेल परियोजनाओं का लाभ केवल यात्रियों और व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर रेल संपर्क से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। खास तौर पर विरासत और वन्यजीव पर्यटन वाले क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी गति मिल सकती है।
खड़गपुर-झारसुगुड़ा और कटनी-पेंड्रा रोड पर भी काम
स्वीकृत परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा रेल खंड के बीच चौथी लाइन का निर्माण भी शामिल है। इसके अलावा कटनी-पेंड्रा रोड खंड में चौथी लाइन और बिलासपुर (उस्लापुर)-पेंड्रा रोड खंड के बीच तीसरी लाइन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
मल्टी-ट्रैकिंग से मौजूदा रेल मार्गों पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के जरिए रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्र के अनुसार, इन आठ परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित राज्यों में रेल संपर्क मजबूत होगा, भीड़भाड़ वाले रेल मार्गों पर दबाव कम होगा और माल ढुलाई के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी। साथ ही, परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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