अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने जलडमरूमध्य के बाहर तैनाती कर दी है, जबकि अमेरिकी वायु सेना अपनी अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों के साथ पूरे मार्ग को सील करने की कोशिश में जुटी हुई है।
हालांकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है लेकिन क्षेत्र में स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। एक बड़ा कारण समुद्र में ईरान की ओर से लगाए गए बारूद भी हैं। भारत स्थिति को देखकर आगे की राह तय करेगा।
भारत का शुरुआती आकलन है कि अगर अमेरिकी प्रतिबंध प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो यह उसके लिए फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि नाकेबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों से आने वाले जहाजों तक सीमित है। जबकि ईरान के साथ भारत का कारोबार बहुत सीमित है। होर्मुज में भारत के जो 15 जहाज फंसे हैं वो सभी गैर-ईरानी बंदरगाहों से तेल, गैस ले कर आ रहे हैं।

