वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के कुल निर्यात (सामान और सेवाएं) में 4.22% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह बढ़कर 860.09 अरब डॉलर हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 825.26 अरब डॉलर था।
मर्चेंडाइज निर्यात में हल्की बढ़त
मर्चेंडाइज (माल) निर्यात का कुल मूल्य 441.78 अरब डॉलर रहा, जो वित्त वर्ष 2025 के 437.70 अरब डॉलर की तुलना में 0.93% की वृद्धि को दर्शाता है।
सेवा निर्यात ने दिखाई मजबूती
सेवा क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 418.31 अरब डॉलर का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष के 387.55 अरब डॉलर से अधिक है। इस क्षेत्र में 7.94% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
मार्च में निर्यात आंकड़ों में हल्की गिरावट
मार्च 2026 में माल निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो मार्च 2025 के 42.05 अरब डॉलर से कम है। वहीं सेवा निर्यात भी 35.20 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 35.63 अरब डॉलर से थोड़ा कम है।
गैर-पेट्रोलियम निर्यात में बढ़त
गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 359.67 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 344.50 अरब डॉलर से अधिक है।
इन सेक्टरों ने बढ़ाई रफ्तार
मार्च 2026 में पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, माइका, कोयला, प्रोसेस्ड मिनरल्स, अन्य अनाज और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि देखी गई। पेट्रोलियम निर्यात 5.88% बढ़कर 5.18 अरब डॉलर। इंजीनियरिंग सामान 1.13% बढ़कर 10.94 अरब डॉलर। अन्य अनाज में 108.23% की तेज वृद्धि।
इन देशों में बढ़ा भारत का निर्यात
मार्च 2026 में सिंगापुर, मलेशिया, चीन, तंजानिया और श्रीलंका को निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष में चीन, स्पेन, हांगकांग, वियतनाम और श्रीलंका शीर्ष निर्यात वृद्धि वाले देश रहे।

