शनिवार को आस्था का केंद्र अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गया। हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर महाप्रसाद ग्रहण कर रहे थे, तभी निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक भरभराकर ढह गई। कुछ ही सेकंड में खुशियों और श्रद्धा का माहौल दर्दनाक हादसे में बदल गया। भारी मलबे के नीचे कई श्रद्धालु दब गए, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। यह हादसा महाराष्ट्र के परभणी जिले में हुआ। यशवाड़ी देवस्थान स्थित हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के ठीक सामने नए सभामंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान उसकी छत और अन्य संरचनात्मक हिस्से अचानक ढह गए। छत गिरते ही भारी मलबा, लोहे की रॉड और पत्थर नीचे मौजूद श्रद्धालुओं पर आ गिरे, जिससे कई लोग मलबे में दब गए।
हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना कुछ ही सेकंड में घटित होती दिखाई दे रही है। प्रशासन के मुताबिक अब तक मलबे से छह लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 30 से 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें से करीब 10 गंभीर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। शनिवार होने के कारण मंदिर में कीर्तन और महाप्रसाद कार्यक्रम के चलते सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ मौजूद थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बचावकर्मियों ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू कर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। अधिकारियों को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, इसलिए राहत कार्य लगातार जारी है। हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी खामियों की भी जांच करेगा। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और मंदिर परिसर में मातम का माहौल बना हुआ है।

