देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति, अफवाहों पर ध्यान न दें : सरकार - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
May 28, 2026
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देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति, अफवाहों पर ध्यान न दें : सरकार

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त से भी अधिक आपूर्ति उपलब्ध है और खुदरा तथा औद्योगिक दोनों जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और ईंधन के खुदरा केंद्रों का अनुशासित तरीके से उपयोग करने की अपील की है।

भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर

सरकार के अनुसार भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। देश में 22 चालू रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल वार्षिक क्षमता 25.81 करोड़ टन है। वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू खपत 24.32 करोड़ टन रही, जबकि इसी अवधि में 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया गया। इससे भारत वैश्विक स्तर पर रिफाइंड उत्पादों के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है।

हालात पर लगातार नजर रख रही सरकार

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों, राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, फिक्की और सीआईआई के साथ स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कोई वास्तविक कमी नहीं है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में मूल्य अंतर का अनुचित लाभ उठाने की कोशिशों के कारण कृत्रिम कमी का भ्रम पैदा हुआ है।

पीएसयू कंपनियां उठा रही हैं प्रतिदिन 550 करोड़ रुपए का नुकसान

सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी पर प्रतिदिन लगभग 550 करोड़ रुपए का नुकसान खुद वहन कर रही हैं। यह राहत मुख्य रूप से परिवारों, किसानों और दोपहिया वाहन चालकों जैसे खुदरा उपभोक्ताओं के लिए दी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक खरीद के लिए अलग मूल्य व्यवस्था लागू होती है, जहां कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार तय होती हैं।

औद्योगिक उपभोक्ताओं पर नियमों के उल्लंघन का आरोप

सरकार के मुताबिक कुछ औद्योगिक उपभोक्ता औद्योगिक चैनलों के बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं। इससे खुदरा पंपों पर मांग असामान्य रूप से बढ़ रही है और कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम किल्लत जैसी स्थिति बन रही है। सरकार ने बताया कि निजी तेल विपणन कंपनियों द्वारा अधिक कीमतें तय किए जाने के कारण उनके खुदरा आउटलेट और थोक ग्राहकों से हाई-स्पीड डीजल की उठान में करीब 38% की गिरावट दर्ज की गई है। यह मांग अब सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा आउटलेटों की ओर स्थानांतरित हो रही है। साथ ही पीएसयू कंपनियों के थोक ग्राहकों के वॉल्यूम में भी करीब 29% की गिरावट आई है।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

केंद्र सरकार ने उद्योग संगठनों से कहा है कि वे अपने सदस्यों को नियमों और उल्लंघन के परिणामों के बारे में जागरूक करें। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विशेष दस्ते गठित कर कालाबाजारी, अनधिकृत भंडारण, खुदरा आपूर्ति के दुरुपयोग और पेट्रोलियम उत्पादों के डायवर्जन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने कहा कि भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का अनुशासित संचालन और केंद्र, राज्यों तथा उद्योगों के बीच सक्रिय समन्वय देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें

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