चमोली जनपद में स्थित पवित्र सिख तीर्थ स्थल श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा के कपाट शनिवार को पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था देखने को मिली। पहले ही दिन लगभग 6 हजार 500 श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सुबह से ही गोविंदघाट और घांघरिया मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। “जो बोले सो निहाल” और गुरुवाणी के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। कपाट खुलने के अवसर पर विशेष अरदास, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। सेना, प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंट साहिब सिख समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि दसवें सिख गुरु गुरु गोविंद सिंह जी ने यहां तपस्या की थी। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर यहां पहुंचते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
जिला प्रशासन ने यात्रियों के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और आवास संबंधी सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। मौसम को देखते हुए यात्रियों से सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है। कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

