पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत की सड़कों और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। कई दिनों से जिस बड़े फैसले की आशंका जताई जा रही थी, आखिरकार वही हुआ। शुक्रवार सुबह 6 बजे से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई। करीब तीन साल बाद ईंधन के दाम बढ़ने से आम जनता, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और बाजार में हलचल तेज हो गई है।
तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 97.91 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.78 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं प्रीमियम पेट्रोल अब 105.14 से 107.14 रुपये प्रति लीटर के बीच बिक रहा है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल, पश्चिम एशिया में सप्लाई संकट और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने तेल कंपनियों पर भारी दबाव बनाया। लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बाद अब कंपनियों ने यह बोझ उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट, सब्जियों, दूध, राशन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है। सरकार फिलहाल हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अगर वैश्विक तनाव और बढ़ा तो पेट्रोल-डीजल के दामों में आगे भी इजाफे की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।2022 के बाद पहली बार हुई इस बढ़ोतरी ने साफ संकेत दे दिया है कि वैश्विक युद्ध का असर अब सीधे आम आदमी की जिंदगी तक पहुंच चुका है।
रातभर चला मंथन, सुबह 6 बजे टूट गया इंतजार! आखिर बढ़ ही गए पेट्रोल-डीजल के दाम, तीन साल बाद जनता को झटका, नई कीमतें आज से लागू
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