स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली। टीम ने पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप के फाइनल का टिकट हासिल किया। डलास स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और फ्रांस को वापसी का मौका नहीं दिया।
मैच का पहला गोल 22वें मिनट में मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर किया। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने बॉक्स के अंदर लामिन यमाल पर फाउल किया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। ओयारजाबाल ने शानदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट के दाएं कोने में पहुंचाया। फ्रांस के गोलकीपर माइक मैग्नन गेंद को रोकने में नाकाम रहे। यह ओयारजाबाल का टूर्नामेंट में पांचवां गोल रहा।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसकी एक नहीं चली। 58वें मिनट में दानी ओल्मो के बेहतरीन पास पर पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर स्पेन की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस को कोई बड़ा मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचा है। वर्ष 2010 में स्पेन ने फाइनल में नीदरलैंड को 1-0 से हराकर अपने इतिहास का पहला और अब तक का इकलौता विश्व कप खिताब जीता था। अब टीम 16 साल बाद दूसरी बार विश्व विजेता बनने के इरादे से फाइनल में उतरेगी।
वहीं, फ्रांस का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने का सपना टूट गया। 2018 में चैंपियन और 2022 में उपविजेता रही फ्रांसीसी टीम इस बार सेमीफाइनल में ही बाहर हो गई। स्पेन की अनुशासित रणनीति, मजबूत डिफेंस और प्रभावी आक्रमण ने उसे फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

