Uttarakhand DIPR
Uttarakhand DIPR
October 22, 2026
Daily Lok Manch
Recent

39 जरूरी दवाओं की कीमतें तय: ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग की दवाएं होंगी सस्ती, मरीजों को बड़ी राहत

देश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और आम लोगों की पहुंच में लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 39 आवश्यक दवाओं (फॉर्म्युलेशन) की खुदरा कीमतें तय कर दी हैं। इस फैसले का सीधा लाभ उन लाखों मरीजों को मिलेगा जो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग, संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद इन दवाओं को निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकेगा।

एनपीपीए की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दवा कंपनियों को तय की गई सीमा के भीतर ही इन दवाओं की बिक्री करनी होगी। सरकार का उद्देश्य आवश्यक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित कर मरीजों पर बढ़ते इलाज के खर्च का बोझ कम करना है। लंबे समय से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बढ़ती कीमतें आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थीं। ऐसे में यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है।

नई सूची में ब्लड प्रेशर की दवाओं में एम्लोडिपिन, टेल्मिसार्टन, मेटोप्रोलोल सक्सिनेट, बिसोप्रोलोल, नेबिवोलोल, ओल्मेसार्टन, सिल्निडिपिन और क्लोर्थालिडोन जैसे संयोजन शामिल हैं। वहीं, डायबिटीज के मरीजों के लिए एम्पाग्लिफ्लोज़िन, सिटाग्लिप्टिन, मेटफॉर्मिन, ग्लिमेपिराइड, वोग्लिबोज़ और डापाग्लिफ्लोज़िन जैसी दवाओं की कीमतें भी तय कर दी गई हैं। हृदय रोग के उपचार में उपयोग होने वाली एस्पिरिन, एटोरवास्टेटिन, क्लोपिडोग्रेल और इनके विभिन्न संयोजनों को भी मूल्य नियंत्रण के दायरे में रखा गया है।

इसके अलावा संक्रमण के इलाज में उपयोग होने वाली एमोक्सिसिलिन और क्लैवुलानेट पोटेशियम की दवाएं, एलर्जी के लिए सेटिरिज़िन ड्रॉप्स, मिर्गी के इलाज में उपयोग होने वाला क्लोबाज़म ओरल सस्पेंशन, विटामिन-डी ओरल सॉल्यूशन, आंखों के संक्रमण और सूजन के लिए कई ऑप्थैल्मिक सॉल्यूशन तथा दर्द निवारक दवाओं की कीमतें भी निर्धारित कर दी गई हैं।

सूची में कुछ विशेष और महंगी दवाएं भी शामिल हैं। हार्ट अटैक के इलाज में इस्तेमाल होने वाला टेनेक्टेप्लेस (टीएनके-टीपीए) इंजेक्शन, ग्लूकोमा के इलाज की आई ड्रॉप, कैंसर उपचार में उपयोग होने वाला इमैटिनिब ओरल सॉल्यूशन और एचआईवी संक्रमण के उपचार के लिए डारुनाविर, रिटोनाविर एवं डोलुटेग्राविर की कॉम्बीकिट भी मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाई गई हैं। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

आवश्यक दवाओं की कीमत तय होने से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को एक ही दवा के लिए अलग-अलग कीमतें चुकाने की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही, इससे आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी बेहतर होने की संभावना है।

सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण समय-समय पर आवश्यक दवाओं की कीमतों की समीक्षा करता है ताकि आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें। नए आदेश के लागू होने के बाद देशभर के मरीजों को सस्ती दरों पर आवश्यक दवाएं मिलने का रास्ता और आसान हो जाएगा, जिससे इलाज का खर्च कम होगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी।

Leave a Comment