देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में जनहित, शिक्षा, पर्यटन, कर्मचारियों के हित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 10 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने वर्ष 2027-28 से मदरसा बोर्ड के लिए अलग बजटीय प्रावधान समाप्त करने, रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग की नई नियमावली लागू करने, राज्य भंडारण निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, प्रधानमंत्री पोषण योजना में नई व्यवस्था लागू करने तथा भूमि अधिकार, विदेश रोजगार और महाकुंभ की तैयारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई है।
कैबिनेट के यह 10 बड़े फैसले जिन पर लगी मुहर
● नन्ही परी संस्थान और इंजीनियरिंग कॉलेज को भूमि
पिथौरागढ़ स्थित नन्ही परी संस्थान के विस्तार के लिए तीन हेक्टेयर सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज के विकास के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
● राफ्टिंग और कयाकिंग के नियम होंगे और सख्त
उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षित गाइड, लाइफ सेविंग उपकरण और संचालन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
● मदरसा बोर्ड के लिए अलग बजट होगा समाप्त
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के लिए अलग बजट मद समाप्त करने का निर्णय लिया। अब मदरसा बोर्ड के लिए अलग से बजटीय प्रावधान नहीं किया जाएगा।
● सरकारी स्कूलों में अक्षय पात्र उपलब्ध कराएगा पका-पकाया भोजन
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत श्रीनगर क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
● कर्मचारियों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग का लाभ
उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
● महाकुंभ की तैयारियों के लिए दो नए पद सृजित
वर्ष 2027 के महाकुंभ को देखते हुए वरिष्ठ लेखा अधिकारी और अधिशासी अभियंता के एक-एक नए पद सृजित किए जाएंगे, ताकि विकास कार्यों और वित्तीय निगरानी को मजबूत किया जा सके।
● पदोन्नति नियमावली में संशोधन
लेखाकार और संबंधित पदों की पदोन्नति अब ज्येष्ठता के आधार पर होगी। सरकार का कहना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
● ऑडिट प्रकोष्ठ का होगा पुनर्गठन
वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए ऑडिट प्रकोष्ठ में दो पदों में परिवर्तन और दो नए पदों का सृजन किया जाएगा।
● विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को मिलेगी मजबूती
सहसपुर स्थित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए सात नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न विभागों के समन्वय के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) का गठन होगा।
● भूमि अधिकार के मुद्दे पर आगे बढ़ी प्रक्रिया
बापूग्राम, बिन्दुखत्ता और 54 बग्गा क्षेत्रों के भूमि अधिकार संबंधी मामलों के अध्ययन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जो प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।

