फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपने चैंपियन अंदाज का प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। बोस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और मोरक्को को ज्यादा मौके नहीं दिए। इस जीत के साथ 1998 और 2018 की विश्व चैंपियन फ्रांस सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई।
मैच से पहले स्टार खिलाड़ी किलियन एमबापे पेनल्टी मिस करने के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इस मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। एमबापे ने अपनी तेज रफ्तार, बेहतरीन मूवमेंट और आक्रमणकारी खेल से मोरक्को की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी मौजूदगी ने फ्रांस के हमले को धार दी और टीम ने पूरे मैच के दौरान खेल पर नियंत्रण बनाए रखा।
पहले हाफ में फ्रांस ने आक्रामक शुरुआत की और लगातार हमले करते हुए बढ़त हासिल कर ली। शुरुआती गोल के बाद मोरक्को ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन फ्रांस की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर ने उसके सभी प्रयासों को विफल कर दिया। दूसरे हाफ में भी फ्रांस ने अपनी लय बरकरार रखी और एक और गोल दागकर मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया।
मोरक्को ने बीच-बीच में कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन अंतिम क्षणों में फिनिशिंग की कमी और फ्रांस की अनुशासित रक्षा के कारण वह गोल नहीं कर सका। पिछले विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाली मोरक्को की टीम इस बार भी संघर्ष करती नजर आई, लेकिन फ्रांस के अनुभव और संतुलित खेल के सामने उसकी चुनौती टिक नहीं सकी।
इस जीत के साथ फ्रांस ने लगातार तीसरी बार विश्व कप के अंतिम चार में जगह बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। टीम का लक्ष्य अब तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का है। दूसरी ओर, मोरक्को का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया, हालांकि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने जुझारू प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल जीता।
अब सभी की निगाहें फ्रांस के सेमीफाइनल मुकाबले पर होंगी, जहां उसका सामना अगले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। यदि फ्रांस इसी लय को बरकरार रखता है, तो वह एक बार फिर विश्व कप ट्रॉफी का मजबूत दावेदार साबित हो सकता है।

