पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में देशभर में 87.28 लाख से अधिक घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। इस दौरान करीब 88.82 लाख सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई थी।
मंत्रालय के अनुसार, लगभग 95 प्रतिशत सिलेंडरों की आपूर्ति उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए प्रमाणीकरण कोड के आधार पर की गई, ताकि वितरण स्तर पर गड़बड़ी और अवैध बिक्री को रोका जा सके।
सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। ऑनलाइन बुकिंग का स्तर 99 प्रतिशत तक पहुंच गया है और किसी भी गैस एजेंसी में आपूर्ति खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है।
पिछले दो दिनों में करीब 1.2 लाख छोटे पांच किलोग्राम वाले गैस सिलेंडरों की भी बिक्री हुई। प्रवासी श्रमिकों के बीच इन छोटे सिलेंडरों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 10 हजार से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं।
इसके अलावा, 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के बराबर 15,900 मीट्रिक टन से अधिक व्यावसायिक गैस की बिक्री की गई।
सरकार ने बताया कि देशभर में गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को 2,100 से अधिक छापेमारी की गई।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने जांच के दौरान 366 गैस एजेंसियों पर जुर्माना लगाया, जबकि 75 गैस एजेंसियों का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित किया गया।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में तेल कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की अतिरिक्त खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

