गुवाहाटी की धरती आज इतिहास रचने को बेताब नजर आ रही थी। सूरज की पहली किरणों के साथ ही साद्या बोरखेटा स्टेडियम में उमंग और उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा। 12 मई 2026 को बीजेपी के दिग्गज नेता हेमंता बिस्वा सरमा ने चौथी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। हजारों समर्थकों की जयकारों के बीच राज्यपाल लाल जेडे. तथागत ने उन्हें शपथ दिलाई। बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री और पीएम मोदी के प्रतिनिधि इस भव्य समारोह के साक्षी बने।
समारोह की शुरुआत असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से हुई। बोडो, मिशिंग और अन्य जनजातीय समुदायों के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्यों से माहौल को और रंगीन बना दिया। हेमंता सरमा ने सफेद असमिया द्रोनच को पहनकर मंच पर कदम रखा। उनकी स्पीच ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया: “असम अब विकास के पथ पर अडिग चलेगा। बाढ़, बेरोजगारी और घुसपैठ जैसी चुनौतियों का हम डटकर मुकाबला करेंगे। संस्कृति, सुरक्षा और समृद्धि हमारे तीन सूत्र होंगे।”
राजनीतिक सफर में यह शपथ ग्रहण बीजेपी की असम में मजबूत पकड़ का प्रतीक है। 2026 विधानसभा चुनावों में पार्टी ने शानदार बहुमत हासिल किया। पिछले तीन कार्यकालों में सरमा ने चाय उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, ब्रह्मपुत्र बाढ़ पर काबू पाने के लिए दीर्घकालिक परियोजनाएं शुरू कीं और CAA को प्रभावी ढंग से लागू किया। विपक्षी कांग्रेस और AIUDF ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, लेकिन जनता ने विकास को वरीयता दी। राहुल गांधी ने बधाई तो दी, पर NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार को निशाना साधा।
शपथ के ठीक बाद सरमा ने पांच महत्वाकांक्षी घोषणाएं कीं, जो असम के 3.5 करोड़ लोगों के जीवन को बदल सकती हैं। पहली, ‘असम ग्रीन रेवोल्यूशन’ के तहत 1 लाख किसानों को मुफ्त बीज और 30% सब्सिडी। दूसरी, ‘महिला सशक्तिकरण फंड’ से 50 करोड़ रुपये का आवंटन स्वरोजगार के लिए। तीसरी, गुवाहाटी-डिब्रूगढ़ हाईवे का विस्तार और 10 नए एयरपोर्ट। चौथी, 500 आधुनिक स्कूलों के साथ NEET जैसी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग। पांचवीं, ब्रह्मपुत्र बाढ़ रोकथाम के लिए 1000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट। ये कदम पूर्वोत्तर को आर्थिक हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
असम अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमाओं पर घुसपैठ, युवाओं में बेरोजगारी और जलवायु परिवर्तन से बाढ़ का खतरा। सरमा ने स्पष्ट कहा, “हम सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगे।” विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चौथा टर्म असम को भारत का ‘गेटवे टू ईस्ट’ बना सकता है। IPL सीजन के बीच यह खबर पूरे देश की सुर्खियों में छाई रही। हेमंता सरमा का नेतृत्व असम के सुनहरे भविष्य का वादा करता है।

