चारधाम यात्रा के बीच उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में किसी को भी सड़कों, सार्वजनिक मार्गों या यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान एक शांत, धार्मिक और आध्यात्मिक राज्य के रूप में है और यहां किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी, जिससे आम लोगों को परेशानी हो या प्रदेश की छवि प्रभावित हो।
सीएम धामी ने कहा कि इस समय चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और देशभर से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, विकासनगर, कोटद्वार और रामनगर जैसे प्रमुख मार्गों पर पहले से ही भारी यातायात दबाव बना हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की वजह से प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को संभालने में जुटा हुआ है। ऐसे समय में अगर कोई सड़क पर धार्मिक आयोजन या प्रदर्शन करता है, तो इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के नाम पर सड़कें घेरने, यातायात बाधित करने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार की प्राथमिकता आम जनता, स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी यातायात या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए। सीएम धामी ने यह भी कहा कि कुछ लोग धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उत्तराखंड में ऐसी राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की संस्कृति शांति, अनुशासन और सहअस्तित्व की रही है। यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और सुविधा का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग नियमों का पालन करें और प्रदेश की धार्मिक गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।

