उत्तराखंड में वनाग्नि, पेयजल और मानसून तैयारियों पर धामी सख्त, एक घंटे में मौके पर पहुंचने के निर्देश - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
May 22, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड में वनाग्नि, पेयजल और मानसून तैयारियों पर धामी सख्त, एक घंटे में मौके पर पहुंचने के निर्देश



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए “शीतलाखेत मॉडल” को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर देते हुए फायर लाइन के आसपास छोटी तलैया बनाने और प्रभावी एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आग बुझाने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और वनाग्नि रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की कमी को दूर करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों और वन पंचायतों को नियमानुसार बजट उपलब्ध कराने को कहा। मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उन्होंने वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने मोबाइल अलर्ट सिस्टम के जरिए वनाग्नि की सूचना तत्काल संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र ठीक किया जाए, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। तीर्थाटन और पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।

मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समय रहते जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव जिलों का स्थलीय निरीक्षण करें और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए और मानसून के दौरान उन्हें अस्पताल पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Related posts

Uttarakhand केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा नहीं होगी बंद, धामी सरकार ने जारी किया आदेश, तीर्थयात्रियों को मिली राहत

admin

बारिश का कहर : चमोली जिले के बदरीनाथ में अस्थायी पुल ध्वस्त, दो मजदूर बहे, एक को बचाया, नैनीताल में बरसाती नाले में बही सूमो, एक की मौत

admin

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कई पदों पर निकली भर्तियां, आवेदन शुरू

admin

Leave a Comment