मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश में एक साथ बड़ा अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल तथा ऋषिकेश और मसूरी के एसडीएम के निर्देशों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान कई अवैध व्यवसायिक भवनों को सील किया गया, जबकि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले ऋषिकेश क्षेत्र के निर्मल बाग, लेन नंबर-03 में कार्रवाई की, जहां बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के करीब तीन बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। मौके पर पहुंची टीम ने चल रहे विकास कार्यों को तुरंत रुकवाया और अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना नक्शा पास कराए की जा रही किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके बाद मसूरी क्षेत्र के दलाई हिल्स और हैप्पी वैली में भी एमडीडीए का बुलडोजर चला। यहां संजय सहानी, अमित और चंदू द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित और अवैज्ञानिक निर्माण पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। इसी वजह से मसूरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
देहरादून शहर के भीतर भी कई स्थानों पर सीलिंग अभियान चलाया गया। डिस्पेंसरी रोड पर सुरेंद्र भाटिया द्वारा किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील कर दिया गया। वहीं सहारनपुर रोड स्थित माजरा क्षेत्र में बेला जैन, अनिल कुमार गुप्ता, वरुण गर्ग, राकेश गर्ग और अन्य लोगों द्वारा किए जा रहे कमर्शियल निर्माणों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया गया। इसके अलावा अंबेडकर नगर, बड़ोवाला स्थित शिमला बाईपास क्षेत्र में नरेश गुप्ता द्वारा नियमों के विरुद्ध बनाए गए परिसर पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन सभी भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन चेतावनी के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद एमडीडीए को सख्त कदम उठाने पड़े।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर के सुनियोजित विकास, यातायात व्यवस्था और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र अवश्य स्वीकृत कराएं, अन्यथा भविष्य में कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी साफ शब्दों में चेतावनी दी कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें, ताकि उन्हें प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सके।

