बद्रीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी प्रकरण में गिरफ्तार बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को सोमवार को जोशीमठ की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौसर की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय में आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
इससे पहले चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उनके आवास से प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें चमोली लाया गया, जहां बद्रीनाथ थाने में उनसे और मंदिर समिति के चार अन्य कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस अब मामले में धन के लेनदेन (मनी ट्रेल), दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
पूछताछ के दौरान जब एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल से यह सवाल किया कि क्या इस कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की भी कोई भूमिका है, तो उन्होंने सिर हिलाकर इससे इनकार किया। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों व साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
गौरतलब है कि इस मामले में 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत के आधार पर बद्रीनाथ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद एसआईटी का गठन कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि चढ़ावे से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संबंधित अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

