देहरादून। उत्तराखंड सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन से गुजरात के वेरावल स्थित सोमनाथ धाम के लिए विशेष आस्था रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष यात्रा में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से आए 720 श्रद्धालु, संत-महात्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
यह विशेष यात्रा सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले विदेशी आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात का यह आध्यात्मिक संबंध राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को और अधिक मजबूत करेगा।
यात्रा की एक विशेषता यह भी है कि उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से पवित्र जल कलश भी श्रद्धालुओं के साथ सोमनाथ धाम भेजे गए हैं। इन जल कलशों को सोमनाथ मंदिर में समर्पित किया जाएगा, जो देवभूमि उत्तराखंड की श्रद्धा और आस्था का प्रतीक हैं।
संस्कृति विभाग ने रेलवे और भारतीय रेल पर्यटन एवं खानपान निगम (आईआरसीटीसी) के सहयोग से यात्रा की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के दौरान भोजन, आवास, सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।
‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित यह विशेष रेल यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और आध्यात्मिक एकता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

