DIWALI दीपावली पर 100 साल बाद महालक्ष्मी योग, लक्ष्मी-गणेश पूजन का यह रहेगा शुभ मुहूर्त - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
April 19, 2026
Daily Lok Manch
Recent धर्म/अध्यात्म

DIWALI दीपावली पर 100 साल बाद महालक्ष्मी योग, लक्ष्मी-गणेश पूजन का यह रहेगा शुभ मुहूर्त

आज देशभर में दीवाली का पावन पर्व बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन घरों को दीपों और रोशनी से सजाने के साथ-साथ मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिषी सलोनी चौधरी के अनुसार, इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की विधि-विधान से पूजा करने से घर में समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। आइए जानते हैं लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त के साथ षोडशोपचार पूजा विधि।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 20 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 4 मिनट तक
अवधि- 1 घंटा 8 मिनट
निशिता काल का मुहूर्त – रात 11:41 से 21 अक्टूबर को सुबह 12:31 तक

प्रदोष काल- शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 8 मिनट तक
वृषभ काल- शाम 6 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 53 मिनट तक
कुंभ लग्न मुहूर्त (अपराह्न) – 15:44 से 15:52
अवधि – 00 घण्टे 08 मिनट्स
वृषभ लग्न मुहूर्त (सन्ध्या) – 18:56 से 20:53
अवधि – 01 घण्टा 56 मिनट्स
सिंह लग्न मुहूर्त (मध्यरात्रि) – 01:26 से 03:41, अक्टूबर 21
अवधि – 02 घण्टे 15 मिनट्स

दिवाली पूजन प्रारंभ करने से पहले गणेश जी, लक्ष्मी जी, कुबेर देव और अन्य यंत्रों को स्थापित करने के लिए सबसे पहले सुंदर रंगोली बनाएं। उसके बाद पूजन के लिए एक चौकी रखें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। अब उस पर अक्षत (चावल) डालें और फिर गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्तियाँ स्थापित करें। साथ ही अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भी रख लें। ध्यान रखें कि गणेश जी के दाईं ओर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित हो। पूजन शुरू करने से पूर्व कुशा या आम के पत्तों की सहायता से अपने ऊपर और आसन के नीचे जल छिड़कें, ताकि शुद्धिकरण हो सके।

बोलें-ऊं अपवित्र: पवित्रोवा सर्वावस्थां गतोऽपिवा। य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:॥ इसके बाद अपने हाथ धोते हुए बोले-ऊं केशवाय नम: ऊं माधवाय नम:, ऊं नारायणाय नम:। अब पूजा आरंभ करें।’


इस मंत्र से आसन शुद्ध करें- ऊं पृथ्वी त्वयाधृता लोका देवि त्यवं विष्णुनाधृता। त्वं च धारयमां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥ अब चंदन लगाएं। फिर श्रीखंड चंदन लगाते हुए मंत्र बोलें चन्दनस्य महत्पुण्यम् पवित्रं पापनाशनम्, आपदां हरते नित्यम् लक्ष्मी तिष्ठ सर्वदा

ज्योतिषाचार्य प्रतीक भट्ट ने बताया कि दिवाली पर करीब 100 साल बाद महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण अपने आप में सुखद है। साल 2025 लोगों के लिए काफी उठा-पटक भरा रहा है। युद्ध, तनाव, शेयर बाजार में गिरावट आदि के बाद दिवाली पर इस महालक्ष्मी राजयोग का बनना किसी शुभ संकेत की दस्तक जैसा है। महालक्ष्मी योग के चलते आम लोगों को आर्थिक मोर्चे पर जबरदस्त लाभ हो सकता

Related posts

23 अप्रैल, शनिवार का पंचांग और राशिफल

admin

देवभूमि रजत उत्सव के अंतिम दिन मुख्यमंत्री धामी ने किया दीप प्रज्वलन, राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित

admin

Uttarakhand Nikay chunav उत्तराखंड में निकाय चुनाव की तारीख घोषित, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया चुनावी कार्यक्रम 

admin

Leave a Comment