पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद बदले राजनीतिक माहौल के बीच विपक्षी INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को नई दिल्ली के संविधान क्लब में आयोजित हो रही है। कांग्रेस के अनुसार इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों के नेता शामिल होंगे, जबकि तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी डीएमके ने इससे दूरी बनाने का फैसला किया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के रुख पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
बैठक में केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी। विपक्ष नीट परीक्षा पेपर लीक, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों तथा संसद के आगामी सत्र में सरकार के खिलाफ साझा रुख अपनाने पर चर्चा करेगा।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी (शरद पवार गुट) के शरद पवार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन सहित कई वरिष्ठ विपक्षी नेता भाग ले सकते हैं। वाम दलों की ओर से भी प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
हालांकि गठबंधन के भीतर मतभेद भी खुलकर सामने आ रहे हैं। तमिलनाडु में बदले राजनीतिक समीकरणों के बाद डीएमके ने बैठक में शामिल नहीं होने का एलान किया है। वहीं कांग्रेस और वाम दलों के बीच भी हाल के चुनावों को लेकर तल्खी बनी हुई है। इसके बावजूद कांग्रेस का दावा है कि INDIA गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सभी दल लोकतंत्र, संविधान तथा जनहित के मुद्दों पर साथ खड़े हैं।
यह बैठक केवल सरकार के खिलाफ रणनीति तय करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विपक्षी एकता की परीक्षा भी होगी। ऐसे समय में जब गठबंधन के कुछ सहयोगी दल असहज नजर आ रहे हैं, कांग्रेस के सामने INDIA गठबंधन को एकजुट बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। बैठक के नतीजों पर आगामी राष्ट्रीय राजनीति की दिशा काफी हद तक निर्भर मानी जा रही है।
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