उत्तरकाशी के विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल में 17 अगस्त को बटर फेस्टिवल (अंढूड़ी उत्सव) धूमधाम से मनाया जाएगा। लोक संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले इस वार्षिक आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
दयारा पर्यटन उत्सव समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें निमंत्रण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया और इसे भव्य रूप से आयोजित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। समिति का कहना है कि इस वर्ष उत्सव को पहले से अधिक आकर्षक और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
लोक संस्कृति और पशुपालक जीवन का उत्सव
बटर फेस्टिवल स्थानीय ग्रामीणों की पारंपरिक संस्कृति और पशुपालक जीवनशैली का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान ग्रामीण अपने आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं और दूध, मक्खन तथा छाछ से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाज निभाते हैं। प्रकृति की गोद में आयोजित होने वाला यह उत्सव वर्षों से स्थानीय परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है।
पर्यटन को नई पहचान देने का प्रयास
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार बटर फेस्टिवल केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि दयारा क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने का भी प्रमुख माध्यम है। इसका उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, लोक कलाओं और ग्रामीण जीवनशैली को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाना है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक इस उत्सव में शामिल होकर हिमालयी संस्कृति को करीब से अनुभव करते हैं।
दयारा बुग्याल की प्राकृतिक खूबसूरती भी आकर्षण
दयारा बुग्याल उत्तरकाशी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। गर्मियों में यहां दूर-दूर तक फैले हरे-भरे घास के मैदान और सर्दियों में बर्फ से ढकी ढलानें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भटवाड़ी मंडल अध्यक्ष मनोजेंद्र रावत, दयारा पर्यटन समिति रैथल के अध्यक्ष मनोज राणा, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, पांच मालगुजार किशन सिंह राणा, बचन सिंह रावत, सुंदर सिंह भंडारी समेत कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

