मॉनसून पर गृह मंत्रालय की नजर, बाढ़-भूस्खलन प्रभावित राज्यों में राहत अभियान तेज - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 23, 2026
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राष्ट्रीय

मॉनसून पर गृह मंत्रालय की नजर, बाढ़-भूस्खलन प्रभावित राज्यों में राहत अभियान तेज

देशभर में जारी मॉनसून और भारी बारिश की स्थिति पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय प्रभावित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि समय पर चेतावनी जारी करने, राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय और नुकसान के आकलन के लिए सभी संबंधित एजेंसियां सक्रिय हैं।

24 घंटे सक्रिय है एकीकृत नियंत्रण कक्ष

गृह मंत्रालय का एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीटी) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में चौबीसों घंटे काम कर रहा है। यह राज्य और जिला आपात संचालन केंद्रों को समय पर अलर्ट भेजने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है।

कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

जुलाई 2026 में नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, साथ ही जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

एनडीआरएफ ने 52 लोगों की जान बचाई

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) राज्य आपदा मोचन बल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। संवेदनशील इलाकों में पहले से टीमें तैनात की गई थीं। पिछले एक सप्ताह के दौरान एनडीआरएफ ने 52 लोगों को सुरक्षित बचाया, जबकि 2,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

रक्षा मंत्रालय भी राहत कार्यों में जुटा

गृह मंत्रालय के साथ समन्वय करते हुए रक्षा मंत्रालय ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान, राहत सामग्री के परिवहन और वितरण सहित विभिन्न कार्यों में सक्रिय सहयोग दिया है।

मॉनसून से पहले ही हुई थी तैयारियों की समीक्षा

गृह मंत्रालय के अनुसार, 10 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लू और मॉनसून से पहले संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की थी। इसके बाद 3 जून को जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। चारधाम यात्रा मार्ग की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी गई।

केंद्रीय टीमें कर रहीं नुकसान का आकलन

गृह मंत्री के निर्देश पर अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों ने 7 से 10 जुलाई के बीच अरुणाचल प्रदेश और असम के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया। वहीं, 25 जुलाई से एक अन्य केंद्रीय टीम असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत सर्वे करेगी, ताकि राष्ट्रीय आपदा सहायता कोष से आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

भारी बारिश से वर्षा की कमी घटी

गृह मंत्रालय ने बताया कि हाल की बारिश से कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन इसका सकारात्मक असर यह रहा कि देश में वर्षा की कमी में उल्लेखनीय सुधार आया है। पहले जहां वर्षा में लगभग 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की जा रही थी, वह अब घटकर करीब 15 प्रतिशत रह गई है।

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