पेपर लीक पर सख्त हुए पीएम मोदी, फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान; बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को मिलेगी कड़ी सजा - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 23, 2026
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पेपर लीक पर सख्त हुए पीएम मोदी, फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान; बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को मिलेगी कड़ी सजा



देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सरकार हर उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया को तेज किया जाएगा, जिससे दोषियों को वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया का लाभ न मिल सके।

पेपर लीक मामलों के लिए पहली बार होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

देश में अब तक पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती रही है, जिसके कारण कई मामलों में फैसला आने में वर्षों लग जाते थे। पहली बार इन मामलों के लिए अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया गया है, ताकि जांच और सुनवाई तेजी से पूरी हो सके और दोषियों को जल्द सजा मिल सके।

साल 2000 में हुई थी फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत

भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत वर्ष 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर हुई थी। आयोग ने देशभर में 1,734 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के लिए विशेष वित्तीय सहायता की अनुशंसा की थी। इन अदालतों का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना था।

रेप और पॉक्सो मामलों में बेहतर रहा प्रदर्शन

केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रेप और पॉक्सो मामलों की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वर्ष 2019 से 2025 के बीच 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निस्तारण की दर 96.28 प्रतिशत रही, यानी जितने नए मामले दर्ज हुए, लगभग उतने ही मामलों का समाधान भी किया गया। हालांकि, लगातार नए मामले आने के कारण वर्ष 2025 के अंत तक 2.45 लाख से अधिक मामले लंबित रहे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।

एनडीए बैठक में भी उठाया था NEET पेपर लीक का मुद्दा

प्रधानमंत्री मोदी ने 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की बैठक में भी कहा था कि नीट पेपर लीक की जानकारी मिलते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं। दोषियों को देश के शीर्ष वकीलों की मदद से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि कोई भी भविष्य में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि नीट पेपर लीक किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का मुद्दा है और इस पर राजनीति नहीं, बल्कि कठोर कार्रवाई की जरूरत है।

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