उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच टिहरी गढ़वाल जिले में बड़ा भूस्खलन हुआ है। यह घटना NH-707A पर कड्डूखाल के पास हुई, जहां अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। राहत की बात यह रही कि प्रशासन ने खतरे की आशंका को देखते हुए इलाके को पहले ही खाली करा दिया था, जिससे किसी भी तरह की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुरानी और खाली पड़ी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में भी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पहले ही दो रेस्टोरेंट, सड़क किनारे बने अस्थायी खोखे और मजदूरों की झोपड़ियों को खाली करा दिया था। इसी सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक निजी होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई से पहाड़ी कमजोर हो गई थी। आशंका है कि इसी वजह से भूस्खलन हुआ। हालांकि प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
इस बीच, प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 9 और 10 जुलाई के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए देहरादून और नैनीताल जिले के सभी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है। राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की ताजा सलाह का पालन करें।

