प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद देशभर में कई राज्य सरकारों ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला लिया है, जबकि कई राज्यों में सार्वजनिक परिवहन और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लोगों से अनावश्यक ईंधन खर्च और सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने, कार पूलिंग अपनाने और मेट्रो, पीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर दिया। साथ ही मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों में तुरंत 50 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए गए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भी अपने काफिले से पांच वाहन कम कर दिए हैं। राज्य सरकार ने मंत्रियों को यात्रा के दौरान कम से कम वाहनों का इस्तेमाल करने को कहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति डीडी बंसल साइकिल से अदालत पहुंचे और ईंधन बचाने का संदेश दिया।
महाराष्ट्र में मंत्रियों और अधिकारियों को सरकारी या चार्टर्ड विमान इस्तेमाल करने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। वहीं, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने हवाई यात्रा छोड़कर बस और ट्रेन से सफर करने का फैसला लिया है। उन्होंने अपनी जेड प्लस सुरक्षा में भी कटौती का एलान किया है।
दिल्ली में गृह मंत्री आशीष सूद ने मेट्रो और ई-रिक्शा से सफर कर लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया। वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुंबई मेट्रो में यात्रा कर ईंधन बचाने की अपील की।
उत्तराखंड सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति पर काम कर रही है, जबकि सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में वर्क फ्रॉम होम व ऑनलाइन कक्षाओं पर विचार किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन बैठकों और परीक्षाओं की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

