पश्चिम एशिया संकट के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री को रफ्तार मिल रही है। वाहन डीलरों के संगठन फाडा ने आज कहा कि मई में सभी वाहन श्रेणियों में ईवी की हिस्सेदारी 11 फीसदी के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह आंकड़ा करीब 7 फीसदी था।
यह रुझान ऐसे समय में दिखा है जब यात्री वाहन, तिपहिया, ट्रैक्टर सहित सभी श्रेणियों में खुदरा बिक्री के मई के आंकड़े शानदार रहे हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी चिंताओं के बावजूद बिक्री एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10 फीसदी बढ़कर 25.3 लाख वाहन हो गई।
15 मई के बाद से ईंधन की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें बढ़ गई हैं। फाडा के अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा, ‘ईंधन की कीमतें बढ़ने के कारण मई में ईवी की ओर झुकाव बढ़कर 11 फीसदी से अधिक हो गई जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह 7 फीसदी थी।’
दोपहिया वाहनों श्रेणी में ईवी की हिस्सेदारी एक साल पहले के 6.11 फीसदी से बढ़कर 9.25 फीसदी हो गई। तिपहिया वाहन श्रेणी में ईवी की हिस्सेदारी मई 2025 में 61.46 फीसदी थी जो बढ़कर इस साल मई में 64.45 फीसदी हो गई। यात्री वाहन श्रेणी में ईवी की हिस्सेदारी 4.51 फीसदी से बढ़कर 6.63 फीसदी और वाणिज्यिक वाहन श्रेणी में 1.37 फीसदी से बढ़कर 2.86 फीसदी हो गई। महीने के दौरान यात्री वाहनों की बिक्री में 23 फीसदी, ट्रैक्टरों में 11 फीसदी, दोपहिया वाहनों में 8 फीसदी, वाणिज्यिक वाहनों में 5 फीसदी और तिपहिया वाहनों में 4 फीसदी की वृद्धि हुई।
महीने में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 23 फीसदी बढ़कर 4,02,591 वाहन हो गई और उसमें ग्रामीण इलाकों से प्रेरित सुधार बरकरार रही। शहरी बाजारों में 19 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले ग्रामीण बाजारों में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
विघ्नेश्वर ने कहा, ‘मई में वैकल्पिक ईंधन की हिस्सेदारी बढ़कर 38 फीसदी हो गई। सीएनजी की हिस्सेदारी बढ़कर 23 फीसदी और ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर 7 फीसदी हो गई। डीलरों ने छोटी कारों की बिक्री में सुधार और एसयूवी की मांग बरकरार रहने का संकेत दिया है।’
मारुति सुजूकी की बिक्री मई में 33 फीसदी बढ़कर 1,64,925 वाहन हो गई। इसी प्रकार टाटा मोटर्स की बिक्री 39 फीसदी बढ़कर 55,544 वाहन और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की बिक्री 10 फीसदी बढ़कर 51,311 वाहन हो गई।
मई में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 18.4 लाख वाहन रही जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 8 फीसदी अधिक है। इसमें शहरी बाजार की बिक्री में 12 फीसदी और ग्रामीण बाजार की बिक्री में 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
डीलरों का मानना है कि शादी-ब्याह के मौसम में हुई खरीदारी और जीएसटी 2.0 के तहत कीमतों में नरमी के कारण मांग को रफ्तार मिली। हालांकि भीषण गर्मी की वजह से कई बाजारों में ग्राहकों की तादाद कम रही और कुछ खास मॉडलों की आपूर्ति में कमी ने बिक्री रफ्तार पर असर डाला। दोपहिया श्रेणी में ईवी की हिस्सेदारी एक साल पहले के 6 फीसदी से बढ़कर 9 फीसदी हो गई।
वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री मई में 5 फीसदी बढ़कर 83,823 वाहन हो गई। ग्रामीण बाजार में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जो शहरी बाजार में 2.62 फीसदी की बढ़ोतरी से अधिक है। ट्रैक्टरों की बिक्री भी एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 11 फीसदी बढ़कर 83,092 ट्रैक्टर हो गई।

