हिंदू देवी-देवताओं के मांस और शराब के सेवन से जुड़े कथित विवादित वीडियो को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान गूगल ने अदालत को बताया कि संबंधित सभी वीडियो का भारत में प्रसार रोक दिया गया है। कंपनी ने कहा कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (Grievance Appellate Committee-GAC) के आदेश के बाद की गई है। यह आदेश दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया था।
मामला अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में मांग की गई थी कि ध्रुव राठी के उन वीडियो को हटाया जाए, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और इन्हें सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान अमिता सचदेवा ने अदालत को बताया कि भले ही वीडियो भारत में सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उन्हें वीपीएन (VPN) का उपयोग करके भारत में भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, ये वीडियो भारत के बाहर भी उपलब्ध हैं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि वीडियो को केवल भारत में ब्लॉक करने के बजाय दुनिया भर से हटाने का निर्देश दिया जाए।
गूगल की ओर से अदालत को बताया गया कि कंपनी ने जीएसी के आदेश का पालन करते हुए भारत में इन वीडियो की पहुंच रोक दी है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर वीडियो हटाने के संबंध में अंतिम निर्णय अदालत के निर्देशों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर लिया जाएगा।
फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में सभी पक्षों की दलीलों पर विचार कर रहा है। मामले की अगली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि विवादित वीडियो को केवल भारत तक सीमित रखा जाएगा या उन्हें वैश्विक स्तर पर हटाने के संबंध में भी कोई आदेश जारी किया जाएगा।

