August 20, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय शिक्षा और रोज़गार

शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई के पहले टर्म में 10वीं परीक्षा में पूछे गए आपत्तिजनक सवाल को हटाया



आखिरकार सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में पूछे गए आपत्तिजनक सवाल को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हटा लिया है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा के इंग्लिश लैंग्वेज एंड लिटरेचर के पेपर में यह सवाल पूछे गए थे। 11 दिसंबर को हुए सीबीएसई के 10वीं के पहले टर्म के एग्जाम में पूछा गया सवाल हमारी गाइडलाइन के मुताबिक नहीं था। आपको बता दें कि शनिवार को आयोजित 10वीं की परीक्षा में प्रश्नपत्र में ‘महिलाओं की मुक्ति ने बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को समाप्त कर दिया’ और ‘अपने पति के तौर-तरीके को स्वीकार करके ही एक मां अपने से छोटों से सम्मान पा सकती है’ जैसे वाक्यों का उपयोग किया गया जिस पर आपत्ति जतायी गई। प्रश्नपत्र के विवादित अंश सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन्हें लेकर ट्विटर पर लोग सीबीएसई पर निशाना साध रहे थे और यूजर्स हैशटैग #सीबीएसई इनसल्टस वुमैन (सीबीएसई ने महिलाओं का अपमान किया) का समर्थन करने का आह्वान करते दिखाई दे रहे थे। इस पर उठ रहे सवालों को कमेटी का पास भेजा गया। कमेटी ने इस सवाल को हटाने और इस पैसेज के लिए सभी छात्रों को पूरे नंबर देने का फैसला लिया। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज लोकसभा में सीबीएसई की परीक्षा में पूछे गए आपत्तिजनक सवालों को तुरंत हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि एजुकेशन मिनिस्ट्री को तुरंत इसकी समीक्षा करनी चाहिए। सोनिया ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को माफीनामा जारी करना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी गलती दोबारा न हो। इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा।

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